
भारतीय निर्वाचन आयोग में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में आंदोलन का एलान किया था.
लेकिन इससे पहले ही सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को विमान में ही हिरासत में ले लिया गया था.
पुलिस की हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने अपनी ग़ैरमौजूदगी में सीजेपी आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे को सौंपने का एलान किया.
अभिजीत दीपके ने वीडियो में लोगों से अपील करते हुए कहा, “अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं, तो समझिए कि मुझे (अभिजीत दीपके), आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ़्तार कर लिया गया है. हमारे बाद इस आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे. इसलिए सभी लोग अजिंक्य शिंदे को फ़ॉलो करें. हमारी ग़ैरमौजूदगी में वो सीजेपी का आंदोलन आगे बढ़ाएंगे.”
‘हम आधी लड़ाई जीत चुके हैं’ – अजिंक्य शिंदे
सीजेपी ने एक प्रेस नोट जारी कर इन घटनाक्रमों की जानकारी दी.
आंदोलन की कमान संभालने के बाद अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कड़ी पाबंदियां लगाई हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है. शिंदे के मुताबिक़, यह सरकार के घबराने का संकेत है.