
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई है. कई देशों के मीडिया ने इस प्रदर्शन से जुड़ी ख़बरों को प्रमुखता से जगह दी है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार (यूनएचआर) का कहना है कि वह दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की ख़बरों से चिंतित है. साथ ही यूनएचआर ने अधिकारियों से मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की मांग की थी.
उसका कहना है, “हम अधिकारियों से आह्वान करते हैं कि वे शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकार को पूरे सम्मान के साथ सुनिश्चित करें और इसे प्रभावी रूप से लागू करें.”
हालाँकि जिनेवा में भारतीय मिशन ने यूएन मानवाधिकार आयोग की तरफ़ से जारी बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह चिंताएं बेबुनियाद हैं.
जिनेवा में भारतीय मिशन ने आधिकारिक बयान में कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां शांति से इकट्ठा होने का अधिकार हमारे संविधान से मिलता है और मज़बूत संस्थाओं, एक स्वतंत्र न्यायपालिका और एक स्वतंत्र मीडिया से सुरक्षित है.”