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राहुल गांधी सीजेपी के आंदोलन के दिन दिल्ली से बाहर क्यों चले गए?

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के इस्‍तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई वाम संगठनों ने शन‍िवार, 10 अक्तूबर को द‍िल्‍ली में प्रोटेस्ट किया.

द‍िल्‍ली पुल‍िस ने प्रदर्शनकार‍ियों को जंतर-मंतर तक पहुँचने से रोकने के ल‍िए कड़े इंतज़ाम क‍िए हैं.

इसके बावजूद बड़ी संख्‍या में स्‍टूडेंट, सामाज‍िक कार्यकर्ता, आम लोग और राजनेता सड़कों पर उतरे. इनमें से काफ़ी लोग ह‍िरासत में भी ल‍िए गए हैं.

पुल‍िस ने ज‍िन लोगों को ह‍िरासत में ल‍िया उनमें अभ‍िजीत दीपके, नेहा बोरा तो है हीं, इनके अलावा ममता बनर्जी, वृंदा करात, दीपांकर भट्टाचार्य और अरव‍िंद केजरीवाल जैसे राजनेता भी शामिल हैं.

वह कई किलोमीटर दूर चेन्नई में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से भी मुलाक़ात की.

इसके साथ ही उन्होंने शनिवार शाम एक्स पर एक पोस्ट करके कहा, “सभी नेताओं को गिरफ़्तार करो. सभी युवाओं को गिरफ़्तार करो. हम सभी को गिरफ़्तार करो. हम तुम्हें घेरे हुए हैं और हम पीछे नहीं हटेंगे. मेरी बात याद रखना: हमारे पास पहले से ही ज़रूरी जानकारी मौजूद है.”

हालांकि दिल्ली में उनकी ग़ैरमौजूदगी कई लोगों के बीच चर्चा का व‍िषय बनी.

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